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Showing posts from November, 2021

शहीद प्यारेलाल का शहीदी दिवस गाजियाबाद में मनाया गया

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शनिवार की सुबह गाजियाबाद के मालीवाडा चौक के पास सहित प्यारेलाल पार्क में पूर्व विधायक एवं उनके पुत्र सुरेंद्र कुमार मुन्नी ने अपने पिता शहीद प्यारेलाल को श्रद्धांजलि अर्पित की इस मौके पर गाजियाबाद से जाने माने समाजवादी नेता मौजूद रहे समाजवादी नेताओं के अलावा कॉन्ग्रेस एवं राष्ट्रीय लोक दल से भी कुछ नेता पहुंचे थे.  मीडिया से मुखातिब होते हुए सुरेंद्र कुमार मुन्नी ने कहा मैं आज भी अपने पिता के बताए हुए रास्ते पर चल रहा हूं और जनता का असीम प्यार मुझे मिल रहा है मेरी कोशिश है कि मैं अपने पिता की जैसा बन सकूं.  समाजवादी महानगर अध्यक्ष राहुल चौधरी ने कहा शहीद प्यारेलाल जन जन के नेता थे वे पिछड़े अति पिछड़ों और गरीबों की एक बुलंद आवाज थे.  उन्होंने आजीवन इन लोगों को समाज में विकास की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए संघर्ष किया जिसकी वजह से उन्हें एक जनप्रिय नेता के रूप में याद किया जाता है जो भी व्यक्ति उनके बताए हुए रास्ते पर चलेगा वह आम जनता की सही मायने में सेवा कर रहा है.  इस मौके पर प्रमुख रूप से मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड महानगर अध्यक्ष रविंद्र यादव प्रदेश महिला पदाधिका...

सपा महानगर अध्यक्ष राहुल चौधरी ने नव मनोनीत वार्ड अध्यक्षों को पत्र दिए

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आज 14 नवंबर 2021 को साहिबाबाद के वैशाली सेक्टर 5 में समाजवादी पार्टी की साहिबाबाद  महानगर ने वार्ड अध्यक्षों के मनोनयन एवं कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया.  कार्यक्रम मैं मनोनीत वार्ड अध्यक्षों को पत्र महानगर अध्यक्ष राहुल चौधरी ने प्रदान किए. कार्यक्रम का संचालन साहिबाबाद ट्रांस हिंडन अध्यक्ष कमलेश यादव ने किया.  कार्यक्रम की अध्यक्षता यादव महासभा अध्यक्ष जितेंद्र सिंह यादव ने की.  कार्यक्रम में सभी वरिष्ठ नेताओं ने सभा को संबोधित करते हुए मौजूदा सरकार की नाकामी  को गिनवाया.  महानगर अध्यक्ष राहुल चौधरी ने कहा उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की आंधी चल रही है लेकिन फिर भी हमें जमीनी स्तर पर बहुत मेहनत करने की आवश्यकता है हमारे वार्ड अध्यक्ष अपने अपने वार्ड में 21 परिवारों को तो जोड़ेंगे ही साथ ही सभी वर्ग के लोगों को भी जुड़ेंगे यही समाजवाद कहता है.  जब हमारी पार्टी की सरकार थी उस वक्त गाजियाबाद की भागीदारी ना के बराबर थी तब भी समाजवादी पार्टी की सरकार ने गाजियाबाद का अभूतपूर्व विकास किया जिसका उदाहरण यहां की सड़कें पुल और मेट्रो रेल है...

कैसे बनते बनते रह गए मुलायम सिंह देश के प्रधानमंत्री

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कैसे बनते बनते रह गए मुलायम सिंह यादव देश के प्रधानमंत्री!  राजनीति में ना कोई किसी का स्थाई मित्र है और ना ही स्थाई शत्रु यहां पर सब कुछ राजनीतिक और सत्ता की ताकत हासिल करने की इच्छा पर निर्धारित होता है.  कब कब कहां कैसे बदल जाएगा नहीं पता होता जिसे हम अपना समझ रहे होते हैं वही सियासत की बिसात पर अपने घोड़े दौड़ा रहा होता है.  इसी से संबंधित मुझे एक घटना याद आ रही है कैसे मुलायम सिंह यादव यानी कि नेताजी देश के प्रधानमंत्री बनते बनते रह गए थे.   साल 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार गिरने के बाद कांग्रेस के सहयोग से यूनाइटेड फ्रंट की सरकार बनी थी और एच डी देवगौड़ा देश के प्रधानमंत्री बने थे। इस फ्रंट में जनता दल, समाजवादी पार्टी और डीएमके जैसी 13 पार्टियां शामिल थीं। इस सरकार में मुलायम सिंह यादव को भी अहम मंत्रालय दिया गया था। वह देश के रक्षा मंत्री बने थे। हालांकि ये सरकार लंबे समय तक नहीं चल सकी थी।  उस दौरान सियासी गलियारों में तो ये भी चर्चा थी कि मुलायम सिंह यादव देश के प्रधानमंत्री बन सकते थे। मुलायम ने खुद एक इंटरव्यू में बताया था कि...

समाजवाद है समाज की आत्मा

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समाज के अंदर आज भी जातियों का जाल जिंदा है। आज भी हमारा जीवन जातियों में जी रहा है। इससे बाहर निकलने के लिए शिक्षित दृष्टिकोण की आवश्यकता है। निम्न वर्ग से लेकर उच्च वर्ग तक इसमें फंसा हुआ है। इस खाई को बढ़ाने का काम अमीरी और गरीबी ने भी किया है। इसने आदमी को दो खाइयों में बांट दिया है। आज भी समाज में नर नारियों के बीच दूरियां हैं। इसे पाटने के लिए समाजवाद को नये सिरे से आम जनमानस को समझाने की आवश्यकता है।  समाजवाद की जब बात होती है तो कुछ नाम हमारे सामने तैरने लगते है। महात्मा गांधी, मार्क्स, राम मनोहर लोहिया, पं जनेश्वर मिश्र, कर्पूरी ठाकुर आदि। भारत में गांधी पूर्व का प्रतिनिधित्व करते हैं तो मार्क्स पश्चिम का। लेकिन संपूर्णता का अभाव दोनो में देखने के लिए मिलता है। वहीं राम मनोहर लोहिया के विचार, उनका सामाजिक, राजनीतिक चिंतन, उनका आधुनिक दृष्टिकोण समाज को नई दिशा देने वाला दिखाई देता है। वे समाज में समानता, नई सभ्यता, नई संस्कृति के दृष्टा थे। समाजवाद को लेकर उनके विचारों, चिंतन, दृष्टिकोण को राजनीति व समाज में कुछ नेताओं ने आगे बढ़ाया जिसे लोगों ने सराहा। उत्तर प्रदे...

गरीबी दूर करने के लिए आर्थिक समानता !

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यदि हिंदुस्तान से जाति व्यवस्था के नाम पर कुरीतियों को को दूर करना है तो अर्थव्यवस्था मैं क्रांतिकारी बदलाव करने होंगे जिससे कि लोगों के सामाजिक जीवन में बढ़ोतरी हो.  आधुनिक अर्थव्यवस्था के माध्यम से गरीबी को दूर करने के साथ, ये अलगाव (जाति के) अपने आप ही गायब हो जाएंगे.  मैं समझता हूं इसके लिए समाजवाद की विचारधारा को समझने की आवश्यकता है क्योंकि यह समाज में आर्थिक और सामाजिक समानता की बात को करता है.  लेकिन कुछ राजनीतिक पार्टियों ने लोगों को अपने अपने चश्मे पहनाकर जातियों के नाम पर बांट दिया है. आजादी के 75 साल बाद भी  समाज में अभी भी असमानता बनी हुई है.  अजय शर्मा  सोशल एक्टिविस्ट, पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक

गरीब, किसान और मजदूरों के लिए संघर्ष करना होगा

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इस वक्त प्रदेश और देश के जो हालात हैं वह सोचने पर मजबूर करते हैं मेरे मन और आत्मा में बहुत पीड़ा होती है और कभी कभी पूरी रात में सो नहीं पाता हूं यह सोच कर कि क्या हो रहा है गरीब, पिछड़े, मजदूर, और किसान उनके प्रति जो नांइसाफी हो रही है गरीबी-अमीरी की खाई बढ़ रही है। उसे पाटने का संकल्प लेने का वक्त है महंगाई अपने चरम पर है पेट्रोल डीजल से लेकर आटा दाल चावल सब जरूरत से ज्यादा महंगा हो चुका है.  इन सभी मुद्दों पर सिर्फ कोरी राजनीति हो रही है लेकिन गरीब और मध्यम वर्ग के बारे में गंभीरता से ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं.  इस वक्त जो हालात है वह बताते हैं कि देश में समाजवाद की कितनी अनिवार्यता है यदि समाजवाद स्थापित नहीं किया गया तो हर आम आदमी इस गरीबी और असमानता में हंसकर खत्म हो जाएगा. लोगों के बीच समानता लाने के लिए समाजवाद को पुनर्स्थापित करने की आवश्यकता है यह समाजवाद सिर्फ विचारों में ही ना हो बल्कि जमीनी स्तर पर भी दिखाई दे आइए के लिए पहल करें.  अजय शर्मा  पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक एवं मीडिया सलाहकार