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Showing posts from March, 2022

बिल्डरो से पीड़ित 18 गाँवो की महा पंचायत को आम आदमी पार्टी का पुरजोर समर्थन

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 जिलाध्यक्ष चेतन त्यागी ने ज्ञापन सौप कर दिया हर सम्भव मदद का भरोसा ग़ाज़ियाबाद : वेव सिटी सनसिटी एवं आदित्य वर्ल्ड सिटी के प्रभावित सभी 18 ग्राम के किसानों द्वारा आयोजित महा पंचायत व आयोजक समिति को आम आदमी पार्टी गाजियाबाद ने समर्थन पत्र देकर हर सम्भव मदद का आश्वासन दिया।         जिलाध्यक्ष चेतन त्यागी ने कहा कि आज तक किसानो को उनकी जमीन का सही मूल्य नहीं मिला है सरकार से संरक्षण प्राप्त बिल्डर अपनी जमीन को  50 से 60  हजार प्रति वर्ग गज के हिसाब से बेच रहे हैं लेकिन किसान को ₹900 प्रति गज के हिसाब से मुआवजा देने की बात करते हैं । जबकि बिल्डर द्वारा ईस्टर्न पेरीफेरल हाईवे में गई अपनी जमीन का ₹16400 प्रति वर्ग गज के हिसाब से 2017 में सरकार द्वारा मुआवजा प्राप्त कर चुके हैं।  सरकार से संरक्षण प्राप्त यह सभी बिल्डर किसानों का गला काटते हुए उनकी जमीनों को मुफ्त में हथियाना चाहते हैं।युवा प्रकोष्ट के जिलाध्यक्ष ललित चौधरी ने सम्बोधन मे कहा की कि ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे सरकार के सभी बड़े बड़े बिल्डरों के लिए प्रॉपर्टी डीलिंग का कार्य ...

छठे चरण के बाद की स्थिति उत्तर प्रदेश चुनाव

छठे चरण के बाद _____________ 1. ऐसा लगता है कि बीजेपी को पिछले चुनाव की तुलना में बड़ा नुक्सान होगा, लेकिन ये कितना बड़ा  होगा इस पर विद्वानों की अलग-अलग राय है। यहाँ मैंने भक्तों और दानवों व प्रेमियों और खलनायकों की राय के आधार पर एक अनुमान लगाया है। गौर फरमाया जाए। मौका सीधे अंतरराष्ट्रीय से डुमरियागंज टु बरेली वाया लखीमपुर खीरी होने का है।   2. भक्तों का मानना है कि बीजेपी जीत रही है, हालाँकि वे भी 2017 जैसी जीत का दावा नहीं करते। तो मान लें कि वे 250 सीट का दावा करते हैं। इसमें से मैंने 10 फीसदी अपने मन से घटा दिया है। तो सीटें बनती हैं 225, इससे बीजेपी की सरकार बन जाती है।  2. दानव कोटि के लोगों का कहना है कि टक्कर काँटे की है या बीजेपी हार रही है। काँटे की टक्कर यानी 190-200 सीटें। इसमें हम 10 फीसदी बढ़ा देते हैं, तो सीटें बनती हैं करीब 210-220, इससे सरकार बीजेपी की बनती है।  3. दानव कोटि का एक दावा सीधे सपा की सरकार का है। तो सपा की सीटें बनती हैं करीब 190-200 और भाजपा की 150, बसपा कांग्रेस की 50 के अंदर। ये दावा सही हो सकता है अगर अत्यंत पिछड़ी जातियाँ, ...