नए समाजवाद की आवश्यकता है
हमें समृद्धि बढानी है, कृषि का विस्तार करना है, फैक्ट्रियों की संख्या अधिक करनी है लेकिन हमें सामूहिक सम्पत्ति बढाने के बारे में सोचना चाहिए; अगर हम निजी सम्पति के प्रति प्रेम को ख़त्म करने का प्रयास करें, तो शायद हम भारत में एक नए समाजवाद की स्थापना कर पाएं. डॉ. राम मनोहर लोहिया भारत में नए समाजवाद की स्थापना का समय आ चुका है मुझे लगता है यही सही समय है जब नए समाजवाद की परिकल्पना की जानी चाहिए इस पर गंभीरता से काम करना चाहिए. आजादी के बाद से लेकर अब तक जितने भी प्रयास हुए हैं समाजवाद को लेकर उसमें अब नए परिवर्तनों की आवश्यकता है...उसमें नए विकास की आवश्यकता है जब तक नए समाजवाद की नींव नहीं रखी जाएगी तब तक नए भारत का निर्माण नहीं हो सकता .. हम पिछली ही बातों को बार-बार दोहरा कर उनका गुणगान करके या फिर उनको लोगों के ऊपर थोप कर नए भारत का निर्माण नहीं कर सकते .... नए भारत के निर्माण तभी होगा जब नए समाजवाद की स्थापना होगी. अजय शर्मा वरिष्ठ टीवी पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक