गाजियाबाद की इंदिरापुरम कॉलोनी भगवान भरोसे
यदि एमसीडी की तरह ही गाजियाबाद नगर निगम का लाइव टेलीकास्ट हो रहा होता तो लोगों ने क्या देखा होता इंदिरापुरम कॉलोनी जीडीए की जिम्मेदारी या फिर नगर निगम की जिम्मेदारी अजय शर्मा प्रधान संपादक राजनीतिक अखाड़ा सुलगते सवाल इंदिरापुरम कॉलोनी ने उठाई कुछ प्रश्न यदि इंदिरापुरम कॉलोनी जीडीए की जिम्मेदारी है तो फिर वहां से चुने गए पार्षदों का क्या औचित्य है। क्या इंदिरापुरम के वार्ड नंबर 100 का कोई महत्व रह जाता है जब यह कॉलोनी नगर निगम के अंदर नहीं आती है. गाजियाबाद नगर निगम की बैठक हंगामा, तीखी बहस, चीखना चिल्लाना और एक दूसरे को धक्का मुक्की के नाम रही। पार्षद ऐसे व्यवहार कर रहे थे जैसे कि वह किसी आदिम युग में हो। जहां पर एक ही बात होती थी जिसकी लाठी उसकी भैंस। कोई किसी की बात सुनने के लिए तैयार नहीं था सभी पार्षदों को लगता था सिर्फ वही सही है। पार्षदों का गुस्सा और उनकी चढ़ी हुई त्यौरियां बता रही थी की पार्षद अपने अलावा किसी की सुनने के लिए तैयार नहीं है। ये वही जनप्रतिनिधि है जिन्हें गाजियाबाद की बहुत ही शिक्षित और सभ्य जनता ने वोट के अधिकार के जरिए सदन तक पहुंचा...