रक्षाबंधन पर संकल्प लीजिए अपने कर्तव्यों को निभाने का
इस रक्षाबंधन लीजिए संकल्प स्त्री रक्षा का, संस्कृति रक्षा का अजय शर्मा प्रधान संपादक आज के दौर में रक्षाबंधन का पौराणिक महत्वपूर्ण सिर्फ किताबों तक रह गया है आज यह त्योहार आधुनिकता की चादर में लिपटा हुआ है रक्षाबंधन आधुनिक समाज में सिर्फ एक औपचारिकता और मौज मस्ती करने का दिन है इस दिन लोग अपने काम से छुट्टी लेकर मनोरंजन करना पसंद करते हैं। रक्षाबंधन का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व आपको गांव देहात और छोटे शहरों में देखने के लिए मिल सकता है। ऐसे में सवाल यह उठता है रक्षाबंधन त्यौहार की मिठास ताकत और सांस्कृतिक पहचान को कैसे बचाकर रखा जाए। आधुनिक समाज में यह एक बहुत बड़ी चुनौती है। इस रिश्ते को कैसे संभाल कर रखा जाए और कैसे इसकी रक्षा की जाए। क्योंकि अब रिश्तो के मायने बदल गए हैं। रिश्ते अब सिर्फ एक खानापूर्ति रह गए हैं और रिश्तो को पैसे से समझा जाने लगा है। पहले रिश्ते- त्योहार प्यार और आपसी सद्भाव के लिए मनाए जाते थे। यह त्यौहार भाई-बहन के बीच के अटूट रिश्ते के बारे में बताता है उनके बीच में प्यार की गंभीरता और गहराई के बारे में बताता है। यह भाई बहन का ...