कैसे बनते बनते रह गए मुलायम सिंह देश के प्रधानमंत्री
कैसे बनते बनते रह गए मुलायम सिंह यादव देश के प्रधानमंत्री!
राजनीति में ना कोई किसी का स्थाई मित्र है और ना ही स्थाई शत्रु यहां पर सब कुछ राजनीतिक और सत्ता की ताकत हासिल करने की इच्छा पर निर्धारित होता है.
कब कब कहां कैसे बदल जाएगा नहीं पता होता जिसे हम अपना समझ रहे होते हैं वही सियासत की बिसात पर अपने घोड़े दौड़ा रहा होता है.
इसी से संबंधित मुझे एक घटना याद आ रही है कैसे मुलायम सिंह यादव यानी कि नेताजी देश के प्रधानमंत्री बनते बनते रह गए थे.
साल 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार गिरने के बाद कांग्रेस के सहयोग से यूनाइटेड फ्रंट की सरकार बनी थी और एच डी देवगौड़ा देश के प्रधानमंत्री बने थे। इस फ्रंट में जनता दल, समाजवादी पार्टी और डीएमके जैसी 13 पार्टियां शामिल थीं। इस सरकार में मुलायम सिंह यादव को भी अहम मंत्रालय दिया गया था। वह देश के रक्षा मंत्री बने थे। हालांकि ये सरकार लंबे समय तक नहीं चल सकी थी।
उस दौरान सियासी गलियारों में तो ये भी चर्चा थी कि मुलायम सिंह यादव देश के प्रधानमंत्री बन सकते थे। मुलायम ने खुद एक इंटरव्यू में बताया था कि सब चीजें तय हो गई थीं और उन्हें सुबह शपथ लेनी थी, लेकिन लालू प्रसाद यादव और शरद यादव के विरोध के कारण वह देश के प्रधानमंत्री नहीं बन पाए थे।
राजनीति के विद्यार्थियों के लिए यह घटना बहुत कुछ सिखाने वाली है और प्रेरित करने वाली भी है यदि उनको राजनीति को कैसे करना यह समझना हो तो कुछ घटनाओं का अध्ययन करना आवश्यक है
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