डॉली शर्मा का जनसंपर्क अभियान और वोटो का गणित
अजय शर्मा प्रधान संपादक
गाजियाबाद से इंडिया गठबंधन की कांग्रेस लोकसभा प्रत्याशी डॉली शर्मा जनसंपर्क अभियान पर निकली हुई है डॉली शर्मा गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र में दूसरी बार अपनी किस्मत आजमा रही है उनकी कोशिश यह जरूर होगी पिछली बार वाली गलतियां इस बार ना हो।
डॉली शर्मा ने पिछली बार जब चुनाव लड़ा था तब कांग्रेस पार्टी गठबंधन में नहीं थी और उन्हें एक लाख ग्यारह हजार के आसपास वोट मिले थे।
लेकिन इस बार तस्वीर थोड़ी सी बदली हुई है डॉली शर्मा इंडिया गठबंधन में समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है ऐसे में कांग्रेस पार्टी को गाजियाबाद में फायदा मिलने की संभावनाएं ज्यादा है।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह बेल पर बाहर आ गए हैं आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं का जोश उफान पर है।
गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र में यदि जातीय समीकरण की बात करें तो साढे 5 लाख वोट मुस्लिम 4: 50 लाख वोट ब्राह्मण, ढाई लाख वोट वैश्य समाज, एक लाख खत्री पंजाबी, 75000 त्यागी, 70000 गुर्जर और सवा लाख जाट वोट, 5 लाख एससी, एसटी और ओबीसी।
इसलिए कहा जा सकता है डॉली शर्मा का वोट का प्रतिशत बढ़ेगा अब यह वोट का प्रतिशत कितना बढ़ेगा यह तो डॉली शर्मा के जनसंपर्क अभियान और पार्टी पर निर्भर करेगा।
डॉली शर्मा के लिए यह एक सुनहरा अवसर है क्योंकि मौजूदा प्रत्याशी भारतीय जनता पार्टी से अतुल गर्ग का पार्टी के अंदर ही विरोध है ऐसे में सुरेंद्र प्रकाश गोयल की तरह इतिहास की पुनरावृति हो सकती है किसी समय में सुरेंद्र प्रकाश गोयल ने चार बार के सांसद रमेश चंद तोमर को हरा दिया था।
इसलिए कहा जा सकता है राजनीति के इस चुनावी महाभारत में डॉली शर्मा कोई भी बड़ा उलट फिर कर सकती हैं और इतिहास रच सकती है।
भारतीय जनता पार्टी के गढ़ गाजियाबाद में यदि इंडिया गठबंधन जीत हासिल करता है तो इसका सीधा असर आने वाले विधानसभा चुनाव में बिहार और झारखंड में दिखाई देगा।
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