गाजियाबाद में अपराधियों की ठांय ठांय



अजय शर्मा 
वरिष्ठ टीवी पत्रकार 

गाजियाबाद आपराधिक घटनाओं से थर्राया हुआ है। कल बीते दिन गाजियाबाद में दिन दहाड़े एक सुनार के बेटे के सीने में बदमाशों ने गोली मार दी। उसके बाद से गाजियाबाद की फिंजा में दहशत तैरने लगी है। व्यापारी और आम आदमी तक सहमा सहमा सा हुआ है। चेहरे पर डर के निशान साफ साफ देखे जा सकते हैं। लखनउ से चलने वाले लॉ एण्ड आर्डर गाजियाबाद पहंुचते पहुंचते हांफने से लगे हैं। जुर्म को लेकर जीरो टालरेंस पर काम करने वाली योगी सरकार की भी नींद इन आपराधिक घटनाओं ने उड़ा दी है। मौजूदा क्राइम रेट देखकर नब्बे के दशक का गाजियाबाद याद आने लगा है।  उस समय पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद को क्राइम कैपिटल के रूप में जाना जाता था। एक बार फिर पुलिस अपराधियों के आगे लाचार नजर आ रही है।  ऐसा तब हो रहा है, जब गाजियाबाद के पूर्व एसएसपी पवन कुमार  को हटाकर योगी सरकार  ने अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का संकेत दे चुकी है।

लॉ एंड ऑर्डर के मामले में गाजियाबाद की स्थिति हर दिन सवालों के घेर में है। हाल ही में हुई 25 लाख की लूट के बाद एसएसपी पवन कुमार को सस्पेंड कर दिया गया था। इसके बाद शनिवार को नूर नगर सिहानी में बदमाशों ने दिनदहाड़े पीएनबी की शाखा में घुसकर लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया है। बदमाश बैंक से करीब 12 लाख रुपये लूट ले गए। ये घटनाएं गाजियाबाद पुलिस के सुरक्षा के दावों पर सवाल उठाती हैं। लूट की इस वारदात के बाद लोगों का कहना है कि जिस तरह बेखौफ बदमाश खुलेआम वारदात कर रहे हैं, उससे लग रहा है कि हम फिर से पुराने दौर में पहुंच गए हैं।

गाजियाबाद में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। जिसके कारण गाजियाबाद पुलिस की नींद भी उड़ी हुई है। इतना ही नहीं दिनदहाड़े पेट्रोल पंप के कर्मचारियों से 25 लाख की लूट होने के बाद गाजियाबाद के एसएसपी पवन कुमार को निलंबित किया गया।जिसके बाद गाजियाबाद का चार्ज आईपीएस मुनिराज को सौंपा गया।लेकिन उसके बावजूद भी जिले में कहीं ना कहीं लगातार अपराधिक घटनाएं हो रही हैं।


आपको बताते चलें कि गाजियाबाद में पिछले दिनों ताबड़तोड़ घटनाएं घटीं।कई बड़ी लूट की वारदात को भी बदमाशों ने अंजाम दिया।जिसका खामियाजा गाजियाबाद के एसएसपी पवन कुमार को भुगतना पड़ा।क्योंकि उन्हें 25 लाख रुपए की लूट के बाद निलंबित कर दिया गया था। उसके बाद फिर बदमाशों ने गाजियाबाद के लोनी इलाके में पंजाब नेशनल बैंक में ही हथियारों के बल पर करीब 12 लाख की लूट को अंजाम दे डाला। इसके अलावा इंदिरापुरम इलाके में भी लगातार चेन झपट मारी की घटनाएं हुई। जिसके बाद पहले डीआईजी एलआर कुमार को कानून व्यवस्था बेहतर बनाने और अपराध नियंत्रण के लिए अस्थाई जिम्मेदारी दी गई थी।लेकिन अब उनकी तैनाती निरस्त करते हुए तेजतर्रार माने जाने वाले 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी मुनिराज को जिले की कानून व्यवस्था में अपराध नियंत्रण के लिए जिम्मेदारी दी गई है।

तीन महीने में 30 लूट और 130 स्नैचिंग
वर्ष 2022 के पहले तीन माह में ही पुलिस के अलर्टनेस की कलई खुल गई है। जनवरी से मार्च 2022 तक तीन माह में 27 लूट की वारदातें हो चुकी है। 130 से अधिक स्नैचिंग की वारदातों को अपराधियों ने अंजाम दिया है। महिलाओं से चेन, बैग और लोगों के मोबाइल छीनकर अपराधी फरार हो रहे हैं। उनकी धर-पकड़ नहीं हो पा रही है। कई बड़े मामलों में भी पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं। लोगों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं करती है। अपराधियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होने का असर दिख रहा है।

अपराधियों का बढ़ा है मनोबल
 गाजियाबाद में पेट्रोल पंप कर्मी से लूट का मामला हो या पीएनबी बैंक में लूट,  पेट्रोल पंप कर्मी से लूट मामले में एक अपराधी के सरेंडर करने से पुलिस को अहम सुराग मिले।  डासना में जिस प्रकार से हत्याकांड को अंजाम दिया गया, उसने अपराधियों के मनोबल को बढ़ाया। 

ये आपराधिक घटनाएं साफ साफ बता रहीं हैं कि पुलिस के द्वारा एक दो मामलों के खुलासे से अपराधियों के हौसलें पस्त नहीं हो रहे हैं। घटनाओं में इजाफा हो रहा हैं। जिला गोलियों की आवाजों से थर्राया हुआ है। अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए पुलिस को ठोस रणनीति बनानी होगी। अपराधियों के नेटवर्क को भेदना होगा। अपराध की दुनिया के खिलाड़ियों तक पहुंचने के लिए पुलिस तंत्र को तेज और स्मार्ट बनाना होगा। अगर ऐसा नहीं हो पाता है तो आने वाले दिनों में अपराध का ग्राफ और उपर जाने की प्रबल संभावना है। ऐसे में पुलिस के स्तर पर जब तक बड़े स्तर पर अपराधियों के खिलाफ जोरदार कार्रवाई नहीं होगी, तब तक अपराध पर लगाम लगा पाने में कामयाबी नहीं मिलेगी।

16 दिन में 5 बड़ी वारदातें
 07 अप्रैल को सुनार के बेटे को दिन दहाड़े गोली मारी 
02 अप्रैल को नूरनगर में PNB की ग्रामीण शाखा में घुसकर बदमाशों ने करीब 12 लाख रुपए लूटे।
28 मार्च को बदमाशों ने गोविंदपुरम सी-ब्लॉक में पेट्रोल पंप कर्मचारियों से 25 लाख रुपए कैश लूटा। एक संदिग्ध आरोपी ने सीधे कोर्ट में सरेंडर किया।
28 मार्च को खोड़ा में दुकान पर बैठे गौरव नामक व्यक्ति को बदमाशों ने गोली मारी।
23 मार्च को राजनगर RDC में 24 कैरेट शोरूम से साढ़े दस लाख रुपए की लूट हुई।



महिला अपराध में तीसरा स्थान
NCRB-2020 की रिपोर्ट के अनुसार, महिला अपराध में गाजियाबाद तीसरे नंबर पर है। इस रिपोर्ट में देश के 19 महानगर शामिल किए गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, गाजियाबाद में महिलाओं के अपहरण और दुष्कर्म के मामलों में बढ़ोतरी हुई थी।

प्रमुख घटनाएं, जिनका आज तक खुलासा नहीं

डासना देवी मंदिर में 10 अगस्त 2021 को बिहार से आए स्वामी नरेशानंद पर पेपर कटर से जानलेवा हमला हुआ। हमला किसने किया, आज तक पता नहीं चला।
राजनगर एक्सटेंशन से 26 जून 2020 को बिल्डर विक्रम त्यागी का अपहरण हुआ। उनकी इनोवा मुजफ्फरनगर में मिली। विक्रम कहां गए, आज तक कुछ नहीं पता।
साहिबाबाद क्षेत्र में 27 जुलाई 2020 को एक महिला की सूटकेस में बॉडी मिली। यह महिला कौन थी, पुलिस अभी तक पता नहीं लगा पाई।
अंसल कॉलोनी में 26 मई 2021 को प्रॉपर्टी कारोबारी के घर एक करोड़ रुपए की डकैती डाली गई। बदमाश आज तक पकड़े नहीं गए।

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