कार्यक्रम में नहीं पहुंचे विधायक


अजय शर्मा
वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक  

गाजियाबाद में 5 अप्रैल 2022 को निषाद समाज को सामाजिक सम्मान देने के लिए भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी ने मर्हिषी कश्यप की जयंती का आयोजन किया। कश्यप समाज से अभी नवनियुक्त राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंन्द्र कुमार कश्यप ने गाजियाबाद में कुछ कार्यक्रमों में शिरकत की।
गाजियाबाद के घंटाघर रामलीला मैदान के जानकी भवन में आयोजित कार्यक्रम के लिए सोशल मीडिया पर जमकर हाईप्रोफाइल प्रचार किया गया। जिसमें पांचों विधायक और राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल के उपस्थित रहने की बात की गई थी। लेकिन इस कार्यक्रम में अपने विचार रखने वाले नेताओं में प्रमुखता से सिर्फ महापौर आशा शर्मा और महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा थे।इस कार्यक्रम के आरंभ होने का समय 11 बजे निर्धारित था लेकिन 1 बजे तक सिर्फ बड़े चेहरों में महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा थे। कार्यकम में स्थानीय नेता भारतीय जनता पार्टी और निषाद समाज के बारे में बोलते रहे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक राज्यमंत्री नरेन्द्र कश्यप देर से पहंुचे।

ऐसे में यह कार्यक्रम अपने पीछे कुछ सवाल छोड़ गया है। उत्तर प्रदेश के ओबीसी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष और राज्यमंत्री पिछड़ा वर्ग नरेन्द्र कुमार कश्यप के लिए गाजियाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कैसी राहें हैं।
आपको बता दें कि यूपी विधान सभा चुनाव 2022 में निषाद समाज के उम्मीदवारों ने 15 में 11 सीटें जीती हैं। जिसमें निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद के अलावा उनके बेटे भी जीत कर आएं हैं। उत्तर प्रदेश में ओबीसी वोटर लगभग 12 करोड़ के आसपास है। इसी वोट पर समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, आप, बहुजन समाज पार्टी की भी नजर है। इन्हें साधने में कोई भी पार्टी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। इसलिए मर्हिषी कश्यप की जयंती को कश्यप समाज और समस्त निषाद समाज के लिए सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।
लेकिन यक्ष सवाल यह है कि गाजियाबाद के पांचों विधायक और राज्यसभा सांसद में से एक भी क्यों नहीं पहंुचा।

राज्यंत्री नरेन्द्र कुमार कश्यप का वर्जन
मंत्री नरेन्द्र कुमार कश्यप से इस बारे में देर शाम टेलीफेान पर बात की गई। उनसे पूछा कि गाजियाबाद के पांचों विधायक और राज्य सभा सांसद अनिल अग्रवाल कार्यक्रम में क्यों नहीं पहुंचे। उन्होंने जवाब दिया कि सभी के अपनी विधान सभा में कार्यक्रम लगे हुए थे। वे सभी व्यस्त थे। किसी के लिए कोई बाध्यता तो है नहीं। हम तो सिर्फ आग्रह कर सकते थे।
जब यह जानना चाहा कि नगर विधायक अतुल गर्ग क्यों नहीं पहुंचे तो उन्होंने कहा कि उन्हें लखनउ पहंुचना था। यहा लखनउ में भी मुख्यमंत्री जी के कार्यक्रम थे। मैं भी लखनउ पहुंच चुका हूं। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की प्राथमिकता सबसे पहले है।  

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