हाथरस की बेटी को श्रद्धांजलि
हाथरस की बेटी को श्रद्धांजलि
अजय शर्मा
समाजवादी विचारक, चिंतक, वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक
आज भी मेरा मन आक्रोश से भर जाता है। हाथरस की बेटी के साथ गैंग रेप फिर उसकी जीभ काट दी गई। दुपटटे से उसका गला दबाया गया जिससे उसे गंभीर चोंटे आई। सबसे ज्यादा गुस्सा आता है संवेदनहीन पुलिस पर जिसने दस दिन तक रिपोर्ट नहीं लिखी। और तो और पुलिस पीड़िता के शव का दाह संस्कार रात के अंधेरे में करवा दिया।
एक पीड़ित को न्याय की लड़ाई लड़ने के लिए कितना संघर्ष करना पड़ा। गांव में महापंचायत भी हुई। यह पूरा मामला मीडिया में छाया रहा। मैं सोचता हूं कि गरीब, दबे कुचले, बेसहारा, पिछड़े, अति पिछड़े, दलित, महादलित, अल्पसंख्यकों, अनूसूचित जाति के लोगों को सम्मान के साथ जीने के और न्याय के लिए एक और क्राति की मशाल जलानी होगी अन्यथा इन्हें नजर नीची और जुबान बंद करके जीना होगा। तो आइए प्रतिज्ञा करें कि हम इन लोगों के लिए सम्मान की मशाल जलाएंगे।
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